जनपद न्यायालय अम्बेदकरनगर में 27 जनवरी 2025 को ए०डी०आर भवन में जिला विधिक साक्षारता सेवा प्राधाकिरण की बैठक हुई जिसकी अध्यक्षता सचिव जिला प्राधिकरण के सचिव शैलेश कुमार मौर्या ने किया, उन्होंने कहा कि मध्यस्थता अभियान 2.0 को सफल बनाने के क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में संचालित मध्यस्थता केन्द्र में नियुक्त अधिवक्ता मध्यस्थों के साथ बैठक में मध्यस्थगण को निर्देशित किया गया कि वे मध्यस्था केन्द्र में सुलह समझौता हेतु प्राप्त होने वाले वादों में पक्षकारों के साथ सुलह वार्ता करते हुये अधिकाधिक संख्या में सुलह समझौता के माध्यम से वादों को निस्तारित करवाने का प्रयास करें।शैलेश कुमार मौर्य, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली तथा मीडियेशन एवं कंसीलियेशन प्रोजेक्ट कमेटी, सर्वोच्च न्यायालय के तत्वाधान में राष्ट्रीय स्तर पर दिनांक 01 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक राष्ट्र के लिये मध्यस्थता अभियान 2.0 बलाया जा रहा है, अभियान का उद्देश्य न्यायालय में लम्बित मामलों को सुलह समझौता के माध्यम से निस्तारित करवाते हुये पक्षकारों को लाम दिलवाना है। यह अभियान न्याय पाने में सुगमता प्रदान करेगा एवं उन लोगों के लिये लाभकारी है जो लम्बी न्यायिक प्रक्रिया में भाग लेना नहीं चाहते हैं।राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 2.0 के अंतर्गत वैवाहिक विवाद के मामले, दुघर्टना दावे के मामलें, घरेलू हिंसा के मामलें, चेक बाउन्स के मामले, वाणिज्यिक विवाद के मामले, सेवा विवाद के मामलें, शमनीय अपराध के मामले, उपभोक्ता विवाद के मामले, ऋण वसूली के मामलें, सम्पत्ति के बंटवारे से सम्बन्धित मामले, बेदखली से सम्बन्धित मामले, भूमि अधिग्रहण के मामलें इसके अतिरिक्त अन्य उपयुक्त दीवानी मामलों को मध्यस्थता केन्द्र में सुलह समझौता के माध्यम से निस्तारित करवाया जायेगा।
