तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी की राज्य इकाई के कन्वीनर एस. ए. एन. वसीगरन ने संकेत दिया है कि AAP चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है और सीटों के बंटवारे को लेकर DMK नेतृत्व से बातचीत की जाएगी।बुधवार को चेन्नई में हुई बैठक के बाद वसीगरन ने कहा कि पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने DMK मुख्यालय पहुंचकर गठबंधन को लेकर चर्चा की है। उन्होंने बताया कि DMK की समन्वय समिति से बातचीत हुई और AAP ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कुछ सीटों की मांग भी रखी है।वसीगरन ने कहा कि तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी को रोकने के लिए एक मजबूत राजनीतिक गठबंधन की जरूरत है। उनके मुताबिक, पिछली बार लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा गठबंधन बना था, जिसमें AAP भी शामिल थी और पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने उसका समर्थन किया था।उन्होंने कहा कि AAP तमिलनाडु में DMK गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने की योजना बना रही है। पार्टी नेतृत्व जल्द ही मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन से इस मुद्दे पर बातचीत करेगा। वसीगरन ने उम्मीद जताई कि सीटों को लेकर सकारात्मक नतीजा निकलेगा और दक्षिण भारत में AAP के लिए यह एक बड़ी राजनीतिक शुरुआत साबित हो सकती है।
तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर खींचतान तेज हो गई है। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) की ओर से कांग्रेस को 25 सीटें देने का प्रस्ताव रखा गया है, लेकिन कांग्रेस ने इसे अस्वीकार कर दिया है।कांग्रेस को उम्मीद थी कि उसे इससे अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा। इसी मुद्दे को लेकर दोनों दलों के बीच बातचीत जारी है।1 मार्च को तमिलनाडु के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के प्रभारी गिरीश चोडनकर ने कहा, “DMK ने हमें 25 सीटें ऑफर की हैं, लेकिन यह प्रस्ताव हमें मंज़ूर नहीं है। हमने अपनी मांग उनके सामने रख दी है।”सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस राज्य में ज्यादा सीटों की मांग कर रही है, ताकि गठबंधन में उसकी राजनीतिक हिस्सेदारी मजबूत रहे। वहीं DMK अपने सहयोगी दलों के बीच सीटों का संतुलन बनाने की कोशिश में है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से पहले सीट बंटवारे को लेकर चल रही यह बातचीत गठबंधन की रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।
तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा के लिए अगले चुनाव 2026 के पहले छह महीनों में होने हैं। इस चुनाव में मुख्यमंत्री M. K. Stalin के नेतृत्व वाला गठबंधन भारतीय जनता पार्टी और ए आई ए डी एम् के के नेतृत्व वाले गठबंधन के खिलाफ मैदान में उतरेगा। सत्तारूढ़ पक्ष चुनाव में अपनी उपलब्धियों को ‘द्रविड़ियन मॉडल 2.0’ के रूप में पेश करने की तैयारी कर रहा है।पिछले विधानसभा चुनाव में डी एम् के ने 133 सीटों पर जीत हासिल की थी और सत्ता में वापसी की थी। उसके सहयोगियों में Indian National Congress ने 18 सीटें जीती थीं, जबकि पट्टाली मक्कल कटची को पांच और Viduthalai Chiruthaigal Katchi को चार सीटें मिली थीं। अन्य दलों और निर्दलीयों के खाते में आठ सीटें गई थीं।DMK के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (SPA), जिसमें कांग्रेस भी शामिल थी, ने मिलकर कुल 159 सीटों पर जीत दर्ज की थी। वहीं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को 75 सीटें मिली थीं। इस गठबंधन में All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam 66 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2026 के चुनाव में सत्तारूढ़ गठबंधन अपनी विकास योजनाओं और ‘द्रविड़ियन मॉडल’ की सफलता को मुद्दा बनाकर मतदाताओं के बीच जाएगा, जबकि विपक्ष इसे चुनौती देने की रणनीति तैयार कर रहा है।