डोलांड ट्रंप ने ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए मध्य पूर्व क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज कर दी हैं। बताया जा रहा है कि अरब सागर सहित आसपास के रणनीतिक इलाकों में अमेरिकी सैन्य बलों की मौजूदगी बढ़ाई गई है।इस कदम को क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चिंताओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमेरिका की इस तैनाती से साफ संकेत मिलता है कि वाशिंगटन ईरान के प्रति अपनी नीति में सख्ती बरत रहा है और संभावित हालात से निपटने के लिए तैयारी मजबूत कर रहा है।व्हाईट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, राष्ट्रपति डोलांड ट्रंप की तीखी बयानबाज़ी के बावजूद ईरान पर सैन्य कार्रवाई को लेकर प्रशासन के भीतर पूर्ण सहमति नहीं बन पाई है।एक अधिकारी ने नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर मीडिया को बताया कि इस मुद्दे पर अलग-अलग स्तरों पर मतभेद मौजूद हैं और अंतिम निर्णय से पहले व्यापक विचार-विमर्श जारी है।एक ब्रिटिश समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में कैबिनेट सचिवों के साथ हुई एक गोपनीय बैठक में रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े अभियान के रणनीतिकारों ने स्पष्ट किया कि चुनावी प्राथमिकताओं को किसी भी तरह से प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि राजनीतिक एजेंडा और जनसमर्थन को ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति तय की जाएगी, ताकि मौजूदा परिस्थितियों का चुनावी माहौल पर नकारात्मक असर न पड़े।
