सुलतानपुर में मोस्ट कल्याण संस्थान ने कादीपुर के बी जे पी बिधायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी सुल्तानपुर को ज्ञापन दिया है,ज्ञापन में कहा गया है, कि कादीपुर के बीजेपी विधायक राजेश गौतम ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए संस्था के निदेशक शिक्षक श्यामलाल निषाद “गुरूजी” का सार्वजनिक रूप से अपमान किया है। संस्थान ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर विधायक के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की मांग की है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि शिक्षक श्यामलाल निषाद “गुरूजी” व उनके सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा विचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अनुच्छेद 19(1)(ए) का सम्मान किया जाए एवं समाज में शिक्षा, समानता और न्याय की आवाज उठाने वालों को सुरक्षा व सम्मान दिया जाए तथा विधायक राजेश गौतम व उनके समर्थकों पर कानूनी कार्यवाही की जाय व बिना साक्ष्य के गुरूजी या उनके समर्थकों पर कोई कार्यवाही न की जाए।
उल्लेखनीय है कि बीते 02 अक्टूबर को अमेरमऊ बुद्ध विहार, करौंदीकलां में आयोजित सम्राट अशोक बौद्ध धम्म विजय कार्यक्रम में गुरूजी बतौर विशिष्ट अतिथि मंच पर उपस्थित थे। इस दौरान विधायक कादीपुर ने न केवल माइक छीनकर उनका अपमान किया बल्कि उनके अभिव्यक्ति के मूल अधिकार का भी हनन किया।
मोस्ट संस्था के जिला संयोजक राकेश निषाद ने कहा कि गुरूजी समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, शिक्षा-जागरूकता और सामाजिक न्याय की अलख जगाने वाले व्यक्ति हैं, जो लगातार समाज को यह संदेश देते रहे हैं कि साधु-संत के वेश में आरक्षण विरोधी, संविधान विरोधी और सामाजिक असमानता फैलाने वालों से सावधान रहें। इन्हीं कारणों से गुरूजी को बदनाम करने और भय पैदा करने की साजिश रची जा रही है।उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्यवाही नहीं हुई तो मोस्ट कल्याण संस्थान के पदाधिकारी जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष सत्याग्रह और सामूहिक गिरफ्तारी के लिए आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
उधर मोस्ट डायरेक्टर शिक्षक श्यामलाल निषाद “गुरूजी” ने अपने ऊपर एफआईआर दर्ज होने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा विधायक द्वारा पद का दुरुपयोग करते हुए मूल अधिकार पर हमला किया है. यह हमला न केवल मेरे व्यक्तिगत सम्मान पर आघात है, बल्कि समाज में शिक्षा-जागरूकता और सामाजिक न्याय की आवाज को दबाने का प्रयास भी है। सत्ता स्थायी नहीं होती, यह आती-जाती रहती है। आज कोई विधायक है, कल नहीं रहेगा, परंतु सच्चाई और विचारधारा को मिटाया नहीं सकता। हमारा संघर्ष किसी व्यक्ति या दल के खिलाफ नहीं, बल्कि समाज में शिक्षा जागरूकता, समानता और सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए है। हम संविधान के मार्ग पर चलते हुए शोषण, अन्याय के विरुद्ध संघर्ष जारी रखेंगे।
ज्ञापन देने वालों में पूर्व विधायक सफ़दर रजा खां, बाबू रज्जन प्रसाद, पेरियार सम्भोले वर्मा, से.नि. एडीओ भारत राम, प्रदेश संयोजक रामानंद बौद्ध, मोस्ट प्रमुख जीशान अहमद, जनरल सेक्रेटरी राम उजागिर यादव, मोस्ट महिला विंग प्रमुख नंदनी बौद्ध, सचिव आरती बौद्ध, सुरीला गौतम, पूजा बौद्ध, अर्चना यादव, रिंकी बौद्ध,मोस्ट पाठशाला संचालिका सुशीला मौर्य, मोस्ट जिला कमेटी पूर्व जिला पंचायत सदस्य छोटेलाल निषाद, दयाराम मौर्य, मोस्ट जिला प्रमुख डा. गोविन्द भगत, मोस्ट प्रमुख धनपतगंज रमाकांत यादव, डा. राहुल निषाद, मोस्ट प्रमुख अमेठी मोईद अहमद, जिला मिडिया प्रभारी धर्मेंद्र निषाद, मोस्ट आई.टी. दिलीप निषाद, शिव कुमार निषाद, डा. अनिल कुमार, राम सजीवन निषाद, सोहन बिन्द जौनपुर, कैप्टन मोस्ट रक्षक दल रोहित निषाद, धनंजय नाविक, अरगराम पाल, जोखू राम, एडवोकेट मेहीलाल निषाद, मोस्ट जिला महासचिव नरेंद्र निषाद, एडवोकेट जगमोहन यादव, राम तीरथ निषाद, ब्लाक संयोजक जयसिंहपुर विवेक निषाद, संयोजक दूबेपुर रवि निषाद, रामजीत निषाद, हरीश कुमार, मोहम्मद यासीन, उदयभान बौद्ध, एडवोकेट गौरव निषाद, अरविन्द यादव, सुहेल अहमद, बृजेश निषाद, विनय निषाद, महेंद्र निषाद, राकेश निषाद, पूर्व प्रधान जगदीश, मातादीन निषाद, महावीर निषाद, सिद्धार्थ संकर यादव, रामप्यारे यादव, दिनेश निषाद, पारसनाथ निषाद, रमेश यादव, बृजेश यादव, पूर्व प्रधान धर्मेंद्र निषाद, विवेक कुमार, रामनयन निषाद, विकास निषाद, राजीव कुमार, भूपत प्रसाद निषाद, सुरेश कुमार, सदाराम गौतम, छोटेलाल निषाद, राम सतन निषाद, लालती, छोटेलाल, सोनू निषाद, रणजीत निषाद, शिव कुमार गौड़, राजेंद्र कुमार निषाद, संगम लाल निषाद, मोनू आदि मौजूद रहे |
भाजपा विधायक राजेश गौतम को तथाकथित टिप्पणी के विरोध में मिला सम्मान

