उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा प्रेषित प्लान ऑफ एक्शन 2025-26 के तहत जिला कारागार आंबेडकरनगर में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया , जनपद न्यायाधीश एवं / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर के निर्देश के क्रम में २८ अक्टूबर को जिला कारागार अम्बेडकरनगर में बन्दियों को दी जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता एवं बी०एन०एस०एस० 479 के सम्बन्ध में भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर द्वारा विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन एवं शेल्टर होम्स निरीक्षण समिति द्वारा जिला कारागार अम्बेडकरनगर का निरीक्षण किया गया।
जिला कारागार निरीक्षण में रामबिलास सिंह. विशेष न्यायाधीश, एस०सी०/एस०टी० अधिनियम, भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर, श्रीमती अंजिता सिंह चौहान, न्यायिक मजिस्ट्रेट / प्रधान मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड, राजन राठी, सिविल जज जू०डि०-त्वरित, उपस्थित रहे एवं विधिक साक्षरता शिविर में आलोक सिंह, जेलर, सूर्यभान सरोज , डिप्टी जेलर, तेजवीर सिंह, डिप्टी जेलर, श्रीमती शीतल जैसवाल डिप्टी जेलर एवं जि०वि०से०प्रा० के कर्मचारीगण, पी०एल०वी० तथा जिला कारागार अम्बेडकरनगर के कर्मचारीगण एवं बंदी उअस्थित रहे|शिविर को सम्बोधित करते हुये भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर द्वारा बन्दियों को बन्दियों को उनके अधिकारों के विषय में बन्दियों हेतु राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, एवं उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित निःशुल्क विधिक सेवाओं एवं नये कानूनों के सम्बन्ध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई तथा बन्दियों को विभिन्न नियमों के अंतर्गत जमानत एवं रिहाई आदि के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान की गई एवं जेलर जिला कारागार अम्बेडकरनगर को निर्देशित किया गया कि यदि बीएनएसएस 479 से सम्बन्धित कोई भी विचाराधीन बन्दी जिला कारागार अम्बेडकरनगर में बन्द है एवं ऐसे बन्दी जिनकी जमानत न्यायालय से हो चुकी है परन्तु वह जमानतदार के अभाव में कारागार से रिहा नहीं हो पा रहा है
तो उसकी सूचना से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर को ससमय अवगत करायें जिससे आवश्यक कार्यवाही करते हुये सम्बन्धित बन्दी को रिहाई का प्रयास किया जा सके।निरीक्षण समिति द्वारा जिला कारागार एवं महिला बैरक का निरीक्षण कर बन्दियों से मुलाकात की गई एवं उनके भोजन व स्वास्थय के सम्बन्ध में पूछा गया तथा उनके मुकदमे की स्थिति के सम्बन्ध में भी बात की गई तथा जेलर को परिसर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिये जाने हेतु निर्देशित किया गया एवं उनके स्वास्थय का ध्यान रखने तथा अस्वस्थता की अवस्था में चिकित्सा सुविधा दिलवाये जाने हेतु निर्देशित किया गया एवं अपर जिला जज / सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर द्वारा जेलर को निर्देशित किया गया कि यदि किसी भी बन्दी को निःशुल्क विधिक सहायता अथवा निःशुल्क अधिवक्ता की आवश्यकता है तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र प्रेषित कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
