परिधि न्यूज़ चंडीगढ़ ,

                                            आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस की गुत्थी अब तक सुलझ नहीं पाई है. हालांकि इस बीच हरियाणा के डीजीपी छुट्टी पर भेज दिए गए हैं. पूरन कुमार के परिवार की तरफ से डीजीपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के बाद मामला हाई प्रोफाइल हो गया है और अब हर किसी की नजर इस सुसाइड केस पर है. आईपीएस वाई पूरन कुमार ने भी अपने सुसाइड नोट में डीजीपी शत्रुजीत कपूर का नाम लिखा था. हालांकि इन सभी के बीच डीजीपी शत्रुजीत को हरियाणा सरकार ने एक लंबी छुट्टी पर भेज दिया है. बीते 7 अक्टूबर को वाई पूरन कुमार ने खुदकुशी कर ली थी,
सबसे अधिक आरोप डीजीपी पर
वहीं उनके पास से जो सुसाइड  नोट मिले थे, उसमें 13 वरिष्ठ अधिकारियों के नाम थे. इन सभी पर पूरन कुमार ने उत्पीड़न और उनके करियर को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए थे और सबसे अधिक आरोप हरियाणा के डीजीपी और रोहतक के एसपी पर हैं. वाई पूरन कुमार साल 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी थे और रोहतक के पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में इंस्पेक्टर जनरल के पद पर तैनात थे|
अभी तक नहीं हुआ पोस्टमार्टम
मामले की जांच के लिए विशेष जाँच दल (एसआईटी) की एक टीम 11.10.25 से रोहतक में है. रोहतक में आगे की जाँच की गई. पत्र भेजने के बाद, मामले की जांच के लिए आवश्यक दस्तावेज़ उपलब्ध कराने के लिए हरियाणा सरकार को धारा 94BNSS के तहत नोटिस जारी कर दिए गए हैं. मामले से संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत करने के साथ ही अग्रेषित पत्रों को एफएसएल को भेज दिया गया है. एफआईआर 156/25, पुलिस थाना 11 की जाँच को आगे बढ़ाते हुए, शिकायतकर्ता को एक औपचारिक अनुरोध पत्र भेजा गया जिसमें अनुरोध किया गया कि वह शव की पहचान के लिए आगे आएँ ताकि शव का जल्द से जल्द पीएमई कराया जा सके, जो एसएसपी/यूटी द्वारा शीघ्र जाँच के लिए आवश्यक है.
         इससे पहले कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी वाई पूरन कुमार की पत्नी अमनीत कुमार को पत्र लिखकर शोक व्यक्त किया था. वहीं, राहुल गांधी 9 अक्टूबर को इस घटना पर गहरी पीड़ा व्यक्त की थी. उन्होंने लिखा था, ‘हरियाणा के IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार जी की आत्महत्या उस गहराते सामाजिक ज़हर का प्रतीक है, जो जाति के नाम पर इंसानियत को कुचल रहा है.’

  परिवार से मिले राहुल गांधी

हरियाणा के एडीजीपी वाई पूरन कुमार आत्महत्या मामले में आठ दिन बाद भी पोस्टमार्टम को लेकर कोई फैसला नहीं हो पाया है. एडीजीपी का परिवार अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है. वहीं, अब दलित आईपीएस अफसर की मौत पर सियासी बवाल भी हो रहा है. मगंलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चंडीगढ़ में एडीजीप के परिवार से मुलाकात की और हाल चाल जाना,कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने परिवार से करीब पंद्रह-20 मिनट एडीजीपी की पत्नी औऱ बेटियों से बातचीत की. मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री ने परिवार को आश्वासन दिया था रकि वो कार्रवाई करेंगे निष्पक्ष एक्शन लेंगे. लेकिन 3 दिन पहले आश्वासन दिया था और अब तक अभी तक ये कमिटमेंट पूरा नहीं हुआ है|राहुल गांधी ने कहा कि पूरन कुमार को कई साल से सिस्टमेटिक तरीके से परेशान किया जा रहा था और उनके करियर और प्रतिष्ठा को खराब किया जा रहा था. ये एक दलित परिवार का मामला नहीं है, जो दलित भाई-बहन हैं, उन सभी को गलत मैसेज जा रहा है कि आप चाहे कितने बड़े पद पर हो, आपका दबाया जा सकता है|

  चिराग पासवान भी परिवार से मिले

केन्द्रीय मंत्री चिराग पासवान आज हरियाणा के पूर्व आई पी एस अधिकारी के घर जाकर उनकी पानी और परिवार से मिले,चिराग पासवान ने कहा कि इक्कीसवीं सदी में भी लोग जाती पात,धर्म में उलझे हुए हैं,ये कितना अन्याय है,इस परिवार को न्याय मिलेगा कोई कितना भी बड़ा क्यों न हो उसे सजा मिलेगी,

 

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