अम्बेडकरनगर,
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने तहसील टांडा पहुंचकर विभिन्न पटलों और अनुभागों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यालयों की कार्यप्रणाली, अभिलेखों का रखरखाव तथा शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की गई। समग्र व्यवस्था संतोषजनक पाई गई।निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने आरके पटल, भूलेख अनुभाग, अभिलेखागार, नजारत, संग्रह तथा आपूर्ति अनुभाग का अवलोकन किया। फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की जानकारी लेने के साथ कंप्यूटर कक्ष में खतौनी की नकल और स्वामित्व योजना की स्थिति की समीक्षा की गई। कृषक दुर्घटना बीमा योजना से संबंधित लंबित पत्रावलियों को एक सप्ताह के भीतर निपटाने के निर्देश दिए गए।राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान पाया गया कि तहसील टांडा ने निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 81 प्रतिशत वसूली पूर्ण कर ली है, जिसे संतोषजनक माना गया। जिलाधिकारी ने कृषक पट्टा, मत्स्य पट्टा, अंश निर्धारण, सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने और धारा 67 के अनुपालन की भी समीक्षा की। उन्होंने विशेष अभियान चलाकर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा शेष तालाबों का नियमानुसार मत्स्य पट्टा आवंटन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि राजस्व में और वृद्धि हो सके।सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन संबंधी फाइलों और कर्मचारियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति प्रकरणों की भी जांच की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी आवेदनों का समयबद्ध एवं नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। अभिलेखागार में दस्तावेजों का रखरखाव व्यवस्थित पाया गया।नजारत अनुभाग के निरीक्षण में विभिन्न रजिस्टर, डेड स्टॉक रजिस्टर और कर्मचारियों की सेवा पुस्तिकाओं का परीक्षण किया गया। आईजीआरएस पोर्टल पर जनवरी माह में तहसील टांडा द्वारा प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की तथा भविष्य में भी इसी प्रकार कार्य करने के लिए प्रेरित किया।जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी (न्यायिक) एवं उपजिलाधिकारी न्यायालय कक्ष का भी निरीक्षण कर लंबित वादों की स्थिति की जानकारी ली। तहसील परिसर में स्थित जर्जर पानी की टंकी को आगामी दस दिनों के भीतर ध्वस्त कराने के लिए संबंधित कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए गए।निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी टांडा, तहसीलदार टांडा सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
