ईरान में एक स्कूल पर हुए हमले में कई छात्राओं की मौत के बाद पूरे देश में शोक और आक्रोश का माहौल है। इस घटना ने न सिर्फ ईरान के भीतर गहरी संवेदना और गुस्सा पैदा किया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हमले के समय स्कूल परिसर में छात्राएं मौजूद थीं। विस्फोट और उसके बाद मची अफरातफरी में कई लड़कियों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हो गईं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।घटना के बाद ईरान के कई शहरों में लोगों ने मृतक छात्राओं के लिए शोक सभाएं आयोजित कीं। सोशल मीडिया पर भी इस हमले की कड़ी निंदा हो रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।ईरान के सरकारी टेलीविज़न पर हमले में मारी गई छात्राओं के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम प्रसारित किया गया। इसमें सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरकर शोक व्यक्त करते और मृतकों को श्रद्धांजलि देते दिखाई दिए।इस्लामिक रिपब्लिक के झंडे में लिपटे ताबूतों को भीड़ के बीच से ले जाया गया।
आसपास गूंजती आवाज़ें और रोते-बिलखते परिजन उन माता-पिता के गहरे दुख को बयां कर रहे थे, जिन्होंने इस हमले में अपनी बेटियों को खो दिया।ईरानी अधिकारियों के अनुसार शनिवार सुबह स्कूल परिसर की ओर तीन मिसाइलें दागी गईं। बताया गया कि यह स्कूल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के एक ठिकाने से लगभग 600 मीटर की दूरी पर स्थित था।ईरान में कार्यसप्ताह छह दिनों का होता है। यहां सप्ताह की शुरुआत शनिवार से होती है और यह गुरुवार तक चलता है, जबकि शुक्रवार एकमात्र आधिकारिक अवकाश का दिन है।ऐसे में हमले के समय स्कूल में छात्रों और कर्मचारियों की मौजूदगी होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे इस घटना में अधिक हताहत होने की संभावना बढ़ गई।
अमेरिका की प्रतिक्रिया
अमेरिका ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए नागरिकों, खासकर बच्चों को निशाना बनाए जाने की निंदा की है। अमेरिकी प्रशासन ने कहा कि स्कूल जैसे स्थानों पर हमला किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है और दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
इजरायल का बयान
इजरायल की ओर से भी इस घटना पर प्रतिक्रिया आई है। इजरायली अधिकारियों ने नागरिकों, विशेष रूप से बच्चों की मौत पर दुख व्यक्त किया है, लेकिन साथ ही क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चुनौतियों का भी जिक्र किया है।
बढ़ता क्षेत्रीय तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना पहले से ही तनावपूर्ण मध्य-पूर्व की स्थिति को और संवेदनशील बना सकती है। कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस हमले की स्वतंत्र जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।फिलहाल, ईरान की सरकार ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा एजेंसियां हमले के पीछे जिम्मेदार तत्वों की तलाश में जुटी हुई हैं। इस बीच पूरे क्षेत्र की नजर इस बात पर टिकी है कि आगे की कूटनीतिक और सुरक्षा प्रतिक्रियाएं क्या होंगी।
