नई दिल्ली। भारत सरकार ने अमेरिकी संस्था यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलिजियस फ्रीडम की ताज़ा रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है। इस रिपोर्ट में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई थी।विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि यह रिपोर्ट पक्षपातपूर्ण है और तथ्यों के बजाय एकतरफा सोच पर आधारित है। मंत्रालय के अनुसार, इस तरह की टिप्पणियां पहले भी की जाती रही हैं, जिन्हें भारत लगातार खारिज करता आया है।वहीं, आरएसएस की ओर से इस मुद्दे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। संगठन के दिल्ली स्थित मुख्यालय ने भी फिलहाल टिप्पणी करने से इनकार किया है।
क्या कहती है रिपोर्ट
अमेरिकी आयोग ने अपनी रिपोर्ट में भारत को ‘विशेष चिंता वाले देश’ (CPC) की श्रेणी में डालने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देश में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति कमजोर हुई है।रिपोर्ट में आरएसएस और रॉ पर गंभीर आरोप लगाते हुए अमेरिका से इनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कदम उठाने की मांग की गई है। आयोग ने सुझाव दिया है कि इनसे जुड़े लोगों की संपत्तियां जब्त की जाएं और अमेरिका में उनके प्रवेश पर रोक लगे।इसके अलावा, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत को दी जाने वाली सुरक्षा सहायता और व्यापारिक संबंधों को धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे से जोड़ा जाए। हालांकि, ये सिफारिशें हैं और इन्हें अमेरिकी सरकार ने अभी स्वीकार नहीं किया है।
क्या है USCIRF
यूएससीआईआरएफ एक स्वतंत्र अमेरिकी आयोग है, जिसकी स्थापना 1998 में अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता कानून के तहत की गई थी। यह हर साल विभिन्न देशों में धार्मिक आज़ादी की स्थिति पर रिपोर्ट जारी करता है और अमेरिकी सरकार को सुझाव देता है।
अन्य देशों का भी जिक्र
रिपोर्ट में भारत के अलावा चीन, पाकिस्तान, रूस, ईरान और उत्तर कोरिया समेत कई देशों को भी CPC सूची में रखने की सिफारिश की गई है।
भारत का जवाब
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें संदिग्ध स्रोतों का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की रिपोर्टें आयोग की निष्पक्षता पर ही सवाल खड़े करती हैं।भारत ने यह भी कहा कि आयोग को भारत पर टिप्पणी करने से पहले अमेरिका के भीतर हो रही घटनाओं पर ध्यान देना चाहिए, जहां भारतीय समुदाय और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
रिपोर्ट के बाद देश में सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने आरएसएस पर निशाना साधते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।वहीं, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी संगठन को गलत ठहराना उचित नहीं है। उनके अनुसार, संस्थाओं से ज्यादा जिम्मेदारी व्यक्तियों की होती है और गलत काम करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
