मध्य-पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। एक तरफ अमेरिका क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी को सीमित करने के संकेत दे रहा है, वहीं दूसरी ओर ईरान और उससे जुड़े समूहों ने हमलों की रफ्तार तेज कर दी है। इराक से लेकर बहरीन तक कई जगह तेल से जुड़े ठिकानों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता की आशंका बढ़ गई है।सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में इराक, सीरिया और खाड़ी क्षेत्र में कई तेल सुविधाओं और रणनीतिक ठिकानों पर ड्रोन और रॉकेट से हमले किए गए। इन हमलों का आरोप ईरान समर्थित गुटों पर लगाया जा रहा है। हमलों के कारण कुछ जगहों पर तेल उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित होने की भी खबरें सामने आई हैं।इधर अमेरिकी प्रशासन ने संकेत दिया है कि वह क्षेत्र में सीधे सैन्य टकराव से बचना चाहता है और अपनी रणनीति को पुनः संतुलित करने पर विचार कर रहा है। माना जा रहा है कि लगातार बढ़ते जोखिम और क्षेत्रीय तनाव के कारण अमेरिका अपने सैनिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।दूसरी तरफ ईरान ने साफ संकेत दिए हैं कि वह अपने आर्थिक और रणनीतिक हितों पर हमले बर्दाश्त नहीं करेगा। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनके ठिकानों या सहयोगियों को निशाना बनाया गया, तो जवाब और भी तीखा होगा।विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तेल प्रतिष्ठानों पर हमलों का सिलसिला जारी रहा, तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ सकता है। खाड़ी क्षेत्र से दुनिया के बड़े हिस्से को तेल की आपूर्ति होती है, इसलिए किसी भी बड़े हमले से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उछाल आने की आशंका बनी रहती है।कुल मिलाकर, अमेरिका की सतर्क रणनीति और ईरान की आक्रामक प्रतिक्रिया ने मध्य-पूर्व को एक बार फिर बड़े टकराव के मुहाने पर ला खड़ा किया है। आने वाले दिनों में क्षेत्र की स्थिति किस दिशा में जाती है, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद, अमेरिकी टैंक

रों पर हमला; ईरान बोला—छह महीने तक लड़ने को तैयार

मध्य-पूर्व में संघर्ष तेज होता जा रहा है। ईरान ने रणनीतिक जलमार्ग Strait of Hormuz को बंद करने का ऐलान कर दिया है और इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है।इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बुधवार को दावा किया कि अमेरिका इस युद्ध में बढ़त हासिल कर चुका है और जल्द ही संघर्ष समाप्त कर दिया जाएगा। हालांकि उनके इस बयान के कुछ ही घंटे बाद इराक के बसरा बंदरगाह के पास दो अमेरिकी तेल टैंकरों पर हमला हो गया।

बसरा के पास टैंकरों में लगी भीषण आग

इराक के दक्षिणी शहर Basra के निकट हुए इस हमले में दोनों तेल टैंकर आग की लपटों में घिर गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार टैंकर पर सवार एक क्रू सदस्य की मौत हो गई, जबकि 38 लोगों को इराकी सुरक्षाकर्मियों ने सुरक्षित बचा लिया।बताया जा रहा है कि ये जहाज अमेरिकी कंपनी STS से जुड़े थे। इराकी बंदरगाह प्राधिकरण के प्रमुख फरहान अल-फरतौसी ने स्थानीय मीडिया को बताया कि हमले के बाद राहत और बचाव अभियान चलाया गया, जबकि कुछ लोगों की तलाश अभी भी जारी है।

ईरानी नावों से हमला

बंदरगाह सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार ईंधन लेकर जा रहे दो विदेशी टैंकरों पर विस्फोटकों से लैस ईरानी नौकाओं ने हमला किया। रिपोर्ट के मुताबिक एक टैंकर पर माल्टा का झंडा लगा हुआ था और उस पर जोरदार धमाका हुआ।हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि यह सीधा मिसाइल हमला था या पानी में लगाए गए किसी अस्थायी विस्फोटक उपकरण या आत्मघाती नाव के जरिए हमला किया गया।

बहरीन और यूएई में भी हमले

इस बीच Bahrain ने आरोप लगाया कि ईरान ने उसके मुहर्रक गवर्नरेट में स्थित ईंधन भंडारण टैंकों को निशाना बनाया है। अधिकारियों ने बताया कि हमले के बाद तुरंत सुरक्षा और आपात कार्रवाई शुरू कर दी गई।वहीं United Arab Emirates में भी एक जहाज को निशाना बनाए जाने की खबर है, हालांकि वहां नुकसान सीमित बताया गया है।

इराकी तेल बंदरगाहों पर काम ठप

एक इराकी अधिकारी ने बताया कि टैंकर हमले के बाद देश के तेल निर्यात से जुड़े बंदरगाहों पर कामकाज अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। हालांकि वाणिज्यिक बंदरगाहों पर गतिविधियां अभी जारी हैं।ईराने संकेत दिया है कि वह इस संघर्ष को लंबे समय तक जारी रखने के लिए तैयार है और जरूरत पड़ने पर अगले छह महीने तक लड़ाई जारी रख सकता हैमध्य-पूर्व में संघर्ष तेज होता जा रहा है। ईरान ने रणनीतिक जलमार्ग Strait of Hormuz को बंद करने का ऐलान कर दिया है और इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है।इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बुधवार को दावा किया कि अमेरिका इस युद्ध में बढ़त हासिल कर चुका है और जल्द ही संघर्ष समाप्त कर दिया जाएगा। हालांकि उनके इस बयान के कुछ ही घंटे बाद इराक के बसरा बंदरगाह के पास दो अमेरिकी तेल टैंकरों पर हमला हो गया।

बसरा के पास टैंकरों में लगी भीषण आग

इराक के दक्षिणी शहर Basra के निकट हुए इस हमले में दोनों तेल टैंकर आग की लपटों में घिर गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार टैंकर पर सवार एक क्रू सदस्य की मौत हो गई, जबकि 38 लोगों को इराकी सुरक्षाकर्मियों ने सुरक्षित बचा लिया।बताया जा रहा है कि ये जहाज अमेरिकी कंपनी STS से जुड़े थे। इराकी बंदरगाह प्राधिकरण के प्रमुख फरहान अल-फरतौसी ने स्थानीय मीडिया को बताया कि हमले के बाद राहत और बचाव अभियान चलाया गया, जबकि कुछ लोगों की तलाश अभी भी जारी है।

ईरानी नावों से हमला

बंदरगाह सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार ईंधन लेकर जा रहे दो विदेशी टैंकरों पर विस्फोटकों से लैस ईरानी नौकाओं ने हमला किया। रिपोर्ट के मुताबिक एक टैंकर पर माल्टा का झंडा लगा हुआ था और उस पर जोरदार धमाका हुआ।हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि यह सीधा मिसाइल हमला था या पानी में लगाए गए किसी अस्थायी विस्फोटक उपकरण या आत्मघाती नाव के जरिए हमला किया गया।

बहरीन और यूएई में भी हमले

इस बीच Bahrain ने आरोप लगाया कि ईरान ने उसके मुहर्रक गवर्नरेट में स्थित ईंधन भंडारण टैंकों को निशाना बनाया है। अधिकारियों ने बताया कि हमले के बाद तुरंत सुरक्षा और आपात कार्रवाई शुरू कर दी गई।वहीं United Arab Emirates में भी एक जहाज को निशाना बनाए जाने की खबर है, हालांकि वहां नुकसान सीमित बताया गया है।

इराकी तेल बंदरगाहों पर काम ठप

एक इराकी अधिकारी ने बताया कि टैंकर हमले के बाद देश के तेल निर्यात से जुड़े बंदरगाहों पर कामकाज अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। हालांकि वाणिज्यिक बंदरगाहों पर गतिविधियां अभी जारी हैं।ईरान ने संकेत दिया है कि वह इस संघर्ष को लंबे समय तक जारी रखने के लिए तैयार है और जरूरत पड़ने पर अगले छह महीने तक लड़ाई जारी रख सकता है

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