कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जनपद न्यायालय परिसर अम्बेडकरनगर।
अंर्तराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों के हितार्थ विधिक साक्षरता शिविर का जनपद अम्बेडकर नगर में आयोजित किया गया ,इसका आयोजन उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा प्रेषित प्लान ऑफ एक्शन 2025-26 के अनुपालन होता है, श्रीमती रीता कौशिक, माननीय जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर के निर्देशानुसार दिनांक 04.10.2025 को वृद्धाश्रम, अकबरपुर, अम्बेडकरनगर में अंर्तराष्ट्रीय वृद्ध दिवस के अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों के हितार्थ उनके अधिकार उनके संरक्षण हेतु निर्मित कानून एवं शासन द्वारा वृद्धजनों के कल्याणार्थ संचालित योजनाओं के सम्बन्ध में भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर द्वारा विधिक साक्षरता शिविर के विषय में जानकारी दी गयी । इस विधिक साक्षरता शिविर में भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर, मशकूर इलाही, वरिष्ठ सहायक समाज कल्याण विभाग,प्रदीप कुमार, लिपिक, जि०वि०से०प्रा० के कर्मचारीगण पी०एल०वी० तथा वृद्धाश्रम के वृद्धजन उपस्थित रहे|

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर द्वारा बताया गया कि अंर्तराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने एवं उनकी समस्याओं का निराकरण किये जाने हेतु प्रतिवर्ष मनाया जाता है। अंर्तराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की वर्ष 2025 की थीम है “वरिष्ठ नागरिक सामाजिक आर्थिक एवं सांस्कृतिक प्रगति के प्रेरक हैं” थीम का आशय यह है कि वरिष्ठ नागरिक केवल मात्र समाज के लिये जिम्मेदारी नहीं है बल्कि समाज के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है, यह दिन वृद्धजनों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार, भेदभाव उपेक्षा एवं अन्याय को रोकने एवं इसके प्रति लोगों को जागरूक किये जाने एवं समाज में वृद्धजनों की स्थिति सुदृढ़ किये जाने हेतु मनाया जाता है साथ ही अपर जिला जज / सचिव महोदय द्वारा माता पिता व वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण एवं कल्याण अधिनियम-2007 एवं माता पिता व वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण एवं कल्याण (संशोधन) बिल-2019 के तहत बताया गया कि अभिभावक एवं वरिष्ठ नागरिक जो कि अपने आय अथवा अपनी संपत्ति के द्वारा होने वाली आय से भरण-पोषण करने में असमर्थ हैं वे अपने व्यस्क बच्चों अथवा ऐसे संबंधितों से भरण पोषण प्राप्त करने हेतु आवेदन कर सकते हैं जिनका उनकी सम्पत्ति पर स्वामित्व है अथवा जो कि उनकी सम्पत्ति के उत्तराधिकारी हो सकते हैं। प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक जो 60 वर्ष या उससे अधिक आयु का है वह अपने संबन्धितों से भी भरणपोषण की मांग कर सकता है जिनका उनकी सम्पत्ति पर स्वामित्तव है अथवा जो कि उनकी सम्पत्ति के उत्तराधिकारी हो सकते हैं।
