फर्जी हाजिरी है मामले की जड़
सीतापुर जिले का बेल्ट कांड में शासन ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अखिलेश प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया है, बी एस ए कि के दबाव में न आने पर प्रधानाध्यापक विजेंद्र कुमार वर्मा ने बी एस ए की बेल्ट से धुनाई कर दी थी,मारपीट की घटना के बाद बीएसए की शिकायत पर पुलिस ने विजेंद्र वर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। साथ ही बीएसए ने तत्काल प्रभाव से हेडमास्टर को निलंबित कर दिया था।,, बी एस ए और कर्मचारियों ने मिलकर प्रधानाचार्य को काफी मारा पीटा था परन्तु प्रशासनिक दबाव के चलते मारपीट का मुकद्दमा प्रधानाचार्य पर ही लिखा जा सका। शिक्षिका अवंतिका गुप्ता को भी अपने कांपते हुए हाथों से वही बी एस ए ने निलंबित किया जो उसके वेतन को फर्जी निकालना चाहते थे,इसे ऐसे समझा जा सकता है कि होनी को कोई टाल नहीं सकता है जो बी एस ए की नियति थी उसमें वे अपने आप उलझ गए,सरकार को लगा कि किरकिरी होने से अच्छा कोई बड़ी कार्यवाही होनी चाहिए,शिक्षक संघ आक्रोशित है,कि उसके साथी को जेल भेजा गया हैजबकि वे निर्दोष हैं जो घटना घटी वह तात्कालिक परिस्थितियों का परिणाम था जिसके लिए स्वयं बीएसए ही जिम्मेदार थे, सम्बंधित विद्यालय में उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक पहुंचे,विद्यार्थियों को टाफी देकर स्कूल आने के लिए प्रोतसाहित किये, वहीं ग्रामीणों का कहना है शिक्षका बी एस ए के नाम पर स्कूल नहीं आती थी यदि आती भी थी रील बनाती थी,शिक्षिका की शिकायत कई बार बी एस ए से किया गया उन्होंने कोई कार्यवाही नहीं किया यदि कोई कार्यवाही हुई होती तो ऐसी घटना नहीं घटती |
