कानपुर परिधि न्यूज़ ब्यूरो,
समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है उन्हें  गैंगस्टर एक्ट के साथ दर्ज कई मामलों  में उनकी जमानत हुई  है, हाई कोर्ट  के जस्टिस समीर जैन की सिंगल बेंच इरफान की जमानत  मंजूर करते हुए उनके भाई रिजवान और इसराइल आटा को वाले  की भी जमानत मंजूर हो गई, इरफान 2 साल से जेल की सलाखों में  महराजगंज जेल में बंद  थे,कानपुर की शीशामऊ सीट से इरफान विधायक थे ,,सजा के बाद उनकी विधायक की चली गई थी,, उप चुनाव में इरफान की पत्नी है यहां से विधायक हैं ,इरफान सोलंकी पिछले 24 महीना से महाराजगंज जेल में बंद है जबकि अन्य आरोपी कानपुर जेल में है न्यायमूर्ति जैन ने गुरुवार दोपहर खुले अदालत में फैसला सुनाया , कोर्ट ने तीनों की जमानत दे दिया,  दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद  2 सितंबर को फैसला सुरक्षित कर लिया था, याची की ओर से अधिवक्ता इमरान अल्लाह और दिनेश सिंह ने मजबूती से पक्ष रखा, ,तीनों के खिलाफ कानपुर नगर के जहाज मा उठाने में गैंगस्टर में  मुकदमा दर्ज है ,महाराजगंज जिला कारागार में बंद विधायक इरफान सोलंकी उसके भाई रिजवान सोलंकी और इसराइल आटे वाला के खिलाफ कानपुर के थाने में यह मुकदमा दिसंबर 2022 में दर्ज हुआ था जमानत के समर्थन में कहा गया था कि इरफान सोलंकी के विरुद्ध राजनीतिक रंजिश के कारण मुकद्दमें  दर्ज कराए गए हैं, तीनों अभियुक्तों  को अन्य सभी मुकदमों में जमानत मिल चुकी है ऐसे में गैंगस्टर एक के मामले में भी जमानत मंजूर की जाए कोर्ट ने तथ्यों पर विचार के बाद इरफान सोलंकी सहित तीनों आरोपियों की जमानत मंजूर कर लिए अन्य मामलों में भी जमानत इरफान सोलंकी को हाल ही में मामलों में जमानत मिल चुकी है मार्च 2025 में रंगदारी के मामले में उन्हें और उनके भाई रिजवान सोलंकी को जमानत मिली थी इसके अलावा 1 अक्टूबर 2024 को बांग्लादेशी नागरिक के फर्जी दस्तावेज बनाने में मदद करने की आरोपियों ने जमानत मिली इसके अलावा इरफान सोलंकी को जाजमऊ की डिफेंस कॉलोनी में नजीर फातिमा के घर में आगजनी के मामले में कानपुर की एमपी एमएलए कोर्ट ने 7 जून 2024 को 7 साल की सजा सुनाई थी इस सजा के गांव की विधानसभा सदस्यता हो गई थी इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में 14 नवंबर 2024 को जमानत तो दे दी लेकिन सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया जिसके चलते उनकी बिधायकी बनी रहीं|

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