मरैला जेल के शौचालय में भीटी थाना क्षेत्र के रहने वाले एक बंदी की लाश लटकती हुई मिली है, बंदी इसी थाने के बेनीपुर गाँव का रहने वाला था,बुधवार सुबह जेल के अंदर कैदियों द्वारा हल्ला मचाया गया कि एक कैदी काफी देर से शौचालय से नहीं आया है,खोजबीन के बाद शौचालय में बंदी सुशील तिवारी की लाश लटकी हुई दिखाई दी,मरैला जेल में इसके पहले महरुवा थानांतर्गत अतरौरा गाँव के रहने वाले अजय निषाद की मृत्यु का आरोप भी उसके परिवार वाले जेल प्रशासन पर लगा रहें है, इसी वर्ष 28मार्च को थाने की पुलिस अजय निषाद को पकड़ कर ले गयी, तत्कालीन एस डी एम् ने धारा 151 में जेल भेज दिया, जेल में तबियत खराब होंने पर जिला अस्पताल पहुँचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था तब भी जेल प्रशासन पर उंगली उठी थी,मामला बढ़ता देख तत्कालीन जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने अजय के परिवार से कुछ शर्तों पर समझौता करा दिया था, परन्तु कुछ समय बाद मामला अदालत में गया, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अम्बेडकर नगर ने मुकद्दमा लिखने का आदेश दिया, फसने वाले सभी हाईकोर्ट गए है, सवाल उठता है कि मरैला जेल में दो गंभीर घटनाएं हो चुकी है,फिर भी कोई जबाव देह नहीं है,पुलिस पोस्टमार्टम का इन्तजार करती है,और मृतक के परिवारों को संदेह वाली परिस्थितयों की तरफ इशारा करके उसे चुप रहने के लिए विवश कर दिया जाता है, व्यवस्थाएं अव्यवस्था को जन्म दे रहीं है,मरने वाले गरीब हैं,जेल अधीक्षक शशिकांत मिश्रा का कहना है, कि मृतक का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था,मानसिक संतुलन यदि ठीक नहीं था तो फांसी लगाने के लिए साधन कहाँ से आये थे,जेल अधीक्षक इस पर जबाव नहीं देते हैं,वे आगे कहते हैं कि पोस्टमार्टम के बाद विधिक कार्यवाही की जायेगी,जेल के अंदर क्या होता है,जेल से निकलने वाले जिस परिस्थितयों का वर्णन करते हैं,वह हैरान करने वाली होती है,सुशील तिवारी ने अपनी मृत्यु का रहस्य जेल की चार दीवारी के अंदर उठने वाली हर उस आवाज के लिए दे दिया है,जो बाहर की दुनिया में अपने समाज और समाज के अंदर पनप रहे लालाच और बेईमानी से लड़ते निर्दोष होते हुए सरकारी सिस्टम की अव्यवस्था से जेल की चारदीवारी के अंदर चले जाते हैं, सुशील तिवारी हों या अजय निषाद गरीबी के कुचक्र से अपने आपको नहीं बचा पाते जो स्वयं अपने आप गरीबी को घेरा बनाने देते हैं,सुशील तिवारी का लटकता हुआ शव कई शंकाओं को जन्म दिया है,सुशील तिवारी खुद लटका या फिर उसे किसी ने लटका दिया है,सभी प्रश्नों का सटीक विश्लेषण के लिए जिलाधिकारी अंबेडकरनगर ने मजिस्ट्रेट से जांच कराने के आदेश दिए हैं, जिलाधिकारी का कहना है,जल्द ही सच्चाई सामने आयेगी,
