परिधि न्यूज़ ब्यूरो सुल्तानपुर

सुलतानपुर जिले में  धनपतगंज ,बल्दीराय एवं कूरेभार ब्लॉक  में सामंतवाद की तपती आग से निजात दिलाकर लोकतंत्र बहाल कराने की लड़ाई में अपनी शहादत देने वाले मझवारा निवासी कानून गो रामकुमार यादव के शहादत दिवस पर  उन्हें भावभीनी श्रधान्ज्जली दी गयी लोंगों नें याद किया
26 अक्टूबर 2010 को  बसपा की पूर्ण बहुमत की सरकार थी, तत्कालीन मायावती की सरकार में जहां क़ानून व्यवस्था की स्थित को धता बताते हुए  इसौली विधान सभा से सामंती बसपा विधायक के फरमान से जनता को मायँग  गाँव से फरमान जारी किया जाता था कौन ग्राम प्रधान ,और क्षेत्र पंचायत सदस्य अथवा जिला पंचायत का चुनाव लड़ेगा ?ऐसा सामंतवाद की पहचान था,कामरेड एडवोकेट कुलदीप यादव कहते हैं ,धनपतगंज एवं कूरेभार की सीट को सामंतवादी विधायक अपने गुर्गों को निर्विरोध निर्वाचित करवा देता था और जो नहीं मानता था तो उसको जबरन मतगणना स्थल पर बेईमानी से जीता हुआ चुनाव हरा देता था अगर वोट का अंतर अधिक होता था यहाँ तक अधिकतर उसकी बातों को न मानने वाले  रिटर्निंग अफसर की भी  हत्या करवा दी जाती थी, वे आगे कहते हैं कि एक ऐसा ही फरमान अपने गुर्गे को लड़ाने के लिए मझवारा ग्राम पंचायत में जारी किया जहां ग्राम प्रधान पद के लिए शोभावती पत्नी राम सूरत को खडा किया गया, विधायक उसे  निर्विरोध निर्वाचित करवाने के लिए फरमान जारी किया,परन्औतु सामंतवाद का विरोध करने वाले कानून गो राम कुमार यादव को नागवार लगा,राम कुमार यादव को  न लड़ने की धमकी दी गयी लेकिन रामकुमार यादव नहीं माने और अपनी पत्नी कमला देवी को पर्चा खरीद कर लाये ,और कमला देवी के नाम से पर्चा भरकर दाखिला करवाया,जिलाधिकारी की  कड़ाई तथा निष्पक्ष चुनाव की घोषणा से शातिर दिमाग के लोग घबरा गए,उन लोंगों ने मतदान अपनी निर्धारित तिथि 11अक्टूबर 2010 को  सम्पन्न हुआ,एड सुरेन्द्र यादव कहते हैं मतदान के बाद सामंतवाद का किला ढल गया ऐसा उन लोंगों को अनुमान हो गया,रूह कंपा देने वाली साजिश ने पिछडों दलितों के अरमान को कुचलने की भनक लगी परन्तु कानूनगो राम कुमार यादव ऎसी किसी अनहोनी से अनजान थे,फैजाबाद में 25 अक्टूबर 2010 को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के अंतिम चरण  बीकापुर में था,बीकापुर से  आते ही कानूनगो राम कुमार यादव की  घात लगाकर बैठे हत्यारों ने उनका अपहरण कर लिया,अज्राञात स्स्तेथान पर ले जाकर में बर्बर तरीके से उनकी हत्या कर दी गई,हत्या इतनी वीभत्स हुई थी कि पोस्ट मार्टम करने वाला चिकित्सक भी भयभीत हो गया था, राम कुमार यादव के शरीर में 52 फ्रैक्चर हुए थे,कुलदीप यादव कहते हैं राम कुमार यादव की ह्त्या से साबित होता है कि  नरपिशाच को दलितों पिछड़ों से कितनी नफरत है,इसके लिए परिस्थितियाँ  बताने के लिए काफी थी|28 अक्टूबर 2010 को जिलाधिकारी की देखरेख में मतगणना के बाद  मझवारा ग्राम पंचायत की जनता ने विधवा हो चुकी  कमला देवी को  750  मतों से विजयी बनाया ,आरोपी सामंती विधायक की उम्मीदवार को मात्र 300 मत ही मिले जिसने यह साबित कर दिया कि मझवारा की जनता सामंती जुल्मी आतंकी ताकतों को नापसंद करती है |इस  प्रकरण को लेकर तत्कालीन बसपा सांसद फैजाबाद मित्रसेन यादव  ने मुद्दे को उठाया और इस नृशंस हत्या की गूँज पूरे प्रदेश में उठी और तत्कालीन अमेठी सांसद राहुल गांधी ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी, सांसद संजय सिंह राजकुमार यादव ने मझवारा से लेकर जिला मुख्यालय तक पैदल मार्च किया और न्याय का भरोसा दिलाया उनके बच्चों के पढ़ाई लिखाई की व्यवस्था राहुल गाँधी ने किया|तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष शिव पाल सिंह यादव  कन्नौज सांसद अखिलेश यादव के साथ पीड़ित के घर आए और न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया |

 

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