डॉ वीरेंद्र कुमार यादव,{MBBS,MD,PHD}

के जी एम् यु लखनऊ

स्वास्थ्य और शिक्षा की दीक्षा कार्यक्रम के तहत दीपावली के शुभ अवसर पर जौनपुर जिले के गाँव राम पुर डेरवा, करंजकला में दिनेश कुमार मौर्य के निवास व् परशुरामपुर गाँव में  संतोषकुमार यादव प्रधान के घर पर निःशुल्क चिकित्सकीय स्वास्थ्य सलाह शिविर का आयोजन किया गया,जिसमें लखनऊ के प्रसिद्ध हेरिटेज अस्पताल के प्रबंद्ध निदेशक डॉ वीरेंद्र यादव ने उपस्थित समूह को संबोधित करते हुए कहा कि एक प्रसिद्ध कहावत है, “स्वास्थ्य ही धन है”, जो स्वतः स्पष्ट है। स्वास्थ्य मानव जीवन की एक धरोहर है, जो एक स्थिर और शांत मन की ओर ले जाता है, जो अंततः एक समृद्ध जीवन की ओर ले जाता है। यदि कोई व्यक्ति अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखता है, तो उसे मानसिक शांति मिलती है और वह अपने काम पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पाता है। जब हम बीमार पड़ते हैं, तो यह हमें चिड़चिड़ा और अस्थिर बना देता है। स्वस्थ रहने का अर्थ है शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ रहना।अगर कोई स्वस्थ जीवन जीना चाहता है, तो उसे अच्छा खाना चाहिए और नींद का चक्र बनाए रखना चाहिए। रोज़ाना व्यायाम करके और हर चीज़ के लिए एक उचित समय सारिणी बनाकर आप फिट रह सकते हैं। डॉ वीरेंद्र ने कहा कि स्वस्थ जीवन जीने से आप निश्चित रूप से एक समृद्ध जीवन की ओर अग्रसर होंगे।अच्छे स्वास्थ्य का मतलब सिर्फ़ अच्छी काया और दिखावट होना ही नहीं है। यह आत्म-संतुष्टि, आंतरिक शांति और आपके व्यवहार से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में, स्वस्थ मन और शरीर को बनाए रखना इतना आसान नहीं है; लेकिन अगर आप इसे छोटी उम्र से ही अपनी आदत बना लें, तो आप जीवन भर स्वस्थ और तंदुरुस्त रह सकते हैं। हो सकता है कि हम कम उम्र में अच्छे स्वास्थ्य का महत्व न समझ पाएँ, लेकिन स्वास्थ्य व्यक्ति की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। स्वस्थ रहने पर ही व्यक्ति अपनी पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में भी पूरी लगन से काम कर पाता है।

यह भोजन या धन से भी ज़्यादा मूल्यवान है। तनाव,सुगर अनिद्रा,हाई ब्लड प्रेसर आधुनिक मनुष्य की जीवन शैली को प्रभावित कर रहा है,उन्होंने कहा कि लालच, बेईमानी और कपटपूर्ण व्यवहार दुःख के प्रमुख कारण हैं। इसलिए, यह ज़रूरी है कि हम खुद में सकारात्मक आदर्शों को अपनाएँ और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें ताकि दुनिया भर में खुशियाँ फैल सकें। सभी के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना ज़रूरी है जो आपको सकारात्मक माहौल में रखे। परिवार और दोस्तों के साथ कुछ अच्छा समय बिताना ज़रूरी है।

इससे न सिर्फ़ आप खुश रहेंगे बल्कि आपको ऊर्जा भी मिलेगी।यदि हम मानव इतिहास पर नज़र डालें, तो मनुष्य की सबसे बड़ी संपत्ति अच्छा स्वास्थ्य और स्वस्थ मन है। अच्छा स्वास्थ्य और शांत मन आपस में जुड़े हुए हैं, जो व्यक्ति को बौद्धिक रूप से विकसित होने और उसे धनवान बनाने में मदद करते हैं। खराब मानसिक स्वास्थ्य वाला व्यक्ति शारीरिक शक्ति और सहनशक्ति को बनाए रखने में असमर्थ होता है। केवल एक तनाव-मुक्त मन और सकारात्मक सोच ही अच्छे शारीरिक स्वास्थ्य में योगदान दे सकती है। यह संयोजन हमें उस वास्तविक शाश्वत आनंद को पहचानने और अनुभव करने की अनुमति देता है जो भीतर से आता है। हमें बचपन में बताया जाता है कि एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से सर्वोत्तम स्वास्थ्य प्राप्त होता है।

हालाँकि, बड़े होने पर ही हमें यह एहसास होता है कि आत्मनिरीक्षण, आत्म-जागरूकता और अपने विचारों पर चिंतन, ये सभी उत्कृष्ट मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के आवश्यक पहलू हैं, जिससे एक स्वस्थ और सुंदर शरीर प्राप्त हो सकता है। जब यह तरीका न अपनाया जाए, तो यह एक निराशाजनक विचार प्रक्रिया को जन्म दे सकता है जिसमें व्यक्ति यह समझ ही नहीं पाता कि उसे क्या परेशान कर रहा है और वह किस चीज़ से विशेष रूप से वंचित है। परिणामस्वरूप, हमारे व्यक्तित्व और जीवन के प्रति दृष्टिकोण के समग्र विकास के लिए अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

अपने गृह जिले के परशुरामपुर गाँव में संतोष यादव प्रधान ने बृहद रूप से कार्यक्रम का ओजन किया जहां प्रमुख रूप से राम आसरे गौतम,रमा शंकर पाल,विनोद कन्नौजिया,अमित मौर्य,अनिल कुमार प्रजापति, हरिहर पाल,हीरा लाल चौहान, सोचन राम विश्वकर्मा,रोशन लाल मौर्य,राजेंद्र श्रीवास्तव, अशोक कुमार यादव, चमेला मौर्य,नेहा मौर्य,साहब लाल गौतम,संतरादेवी गौतम, प्रमिला गौतम,लालमणि आदि अन्य कई गांव के सम्मानित लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे|

 

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